मनीष कुमार संवाददाता
दुद्धी,सोनभद्र। हर व्यक्ति नए वर्ष को अपने-अपने तरीके से यादगार बनाने की योजना बनाता है। कोई पिकनिक स्थल पर जाता है, तो कोई पर्यटन स्थल चुनता है। लेकिन जनपद सोनभद्र की दुद्धी तहसील में कार्यरत कर्मचारी अशोक कुमार पिछले कई दशकों से नए साल का स्वागत सादगी और मानवीय संवेदनाओं के साथ करते आ रहे हैं। वे हर वर्ष तहसील में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को गुलाब का फूल देकर तथा मिठाई खिलाकर नए साल की शुभकामनाएं देते हैं। 1 जनवरी 2026 को भी उन्होंने इस परंपरा का उसी उत्साह के साथ निर्वहन किया। आज के हाईटेक दौर में, जहां अधिकतर लोग नए वर्ष का स्वागत घूमने-फिरने और मनोरंजन के माध्यम से करते हैं, वहीं अशोक कुमार का यह सादा लेकिन भावनात्मक तरीका लोगों के दिलों को छू जाता है।
उनकी “सादा जीवन, उच्च विचार” की सोच को देखकर तहसील परिसर में मौजूद हर व्यक्ति उनके जज्बे और सकारात्मक सोच की सराहना करता नजर आया। अशोक कुमार ने बताया कि उनकी पहली पोस्टिंग दुद्धी तहसील में 16 फरवरी 1985 को हुई थी। उसी समय उनके मन में यह विचार आया कि हर नए साल को कुछ अलग और यादगार बनाया जाए। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को एक गुलाब का फूल और लड्डू देकर नए साल का स्वागत करने की परंपरा शुरू की, जो आज एक निरंतर परंपरा का रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि यह परंपरा अब लगभग 40 वर्षों का सफर तय कर चुकी है और हर साल नए उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। उनकी ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए समय-समय पर इस अनूठी परंपरा के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। दुद्धी तहसील में उनका यह छोटा-सा प्रयास नए साल की शुरुआत को अपनापन और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।