रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर,सोनभद्र। एनटीपीसी रिहंद देश को विद्युत उपलब्ध कराने के साथ-साथ अपने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से परियोजना क्षेत्र के आसपास निवास करने वाले ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में बालिका सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत 07 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक बालिकाओं के लिए शीतकालीन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। बालिका सशक्तिकरण शीतकालीन कार्यशाला का उद्घाटन परियोजना प्रमुख (रिहंद) अनिल श्रीवास्तव तथा वर्तिका महिला मंडल समिति की अध्यक्षा शिखा श्रीवास्तव द्वारा परंपरागत रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर बालिकाओं को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि यह शीतकालीन कार्यशाला बालिकाओं को नई-नई चीजें सीखने का अवसर प्रदान कर रही है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और वे भविष्य में इस प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठा सकेंगी। शिक्षा को उन्होंने जीवन में बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि आज बालिकाओं की शिक्षा के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी दिशा में बालिका सशक्तिकरण अभियान “सपनों की उड़ान” एनटीपीसी की एक अहम पहल है। कार्यक्रम में मानव संसाधन विभाग के राजेश बोयपाई ने भी उपस्थित बालिकाओं से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए एनटीपीसी रिहंद सदैव तत्पर रहेगा।
एक सप्ताह तक चलने वाली इस शीतकालीन कार्यशाला में बालिकाओं के व्यक्तित्व और प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान विज्ञान, आर्ट एवं क्राफ्ट, नृत्य एवं संगीत, खेलकूद, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पॉटरी सहित कंप्यूटर प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी भी प्रदान की जाएगी।