शिवेंदु श्रीवास्तव की रिपोर्ट
सोनभद्र। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ ने प्रदेश के राजकीय हाई स्कूल और राजकीय बालिका हाई स्कूलों में कार्यरत संस्था-प्रधानों के पदनाम को संशोधित करने की मांग उठाई है। संघ के प्रदेश कार्यकारी महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार अवाक ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ महेन्द्र देव से इस संबंध में कार्रवाई का आग्रह किया है। डॉ अवाक ने 14 जुलाई 2025 को जारी शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि इसमें राजकीय हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक और राजकीय बालिका हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका के पदनाम को क्रमशः प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्या किए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद विभागीय पत्राचार और अन्य औपचारिक कार्यों में अब भी पुराने पदनामों का ही प्रयोग हो रहा है, जिसे व्यवहार में बदले जाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इस परिवर्तन से सरकार पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, जबकि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत संस्था-प्रधानों को आवश्यक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहले से ही प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका का पदनाम प्रचलित है, ऐसे में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए पदनाम में यह संशोधन पूरी तरह उचित है और इस पर शीघ्र कार्यवाही होनी चाहिए।