राजेश तिवारी की रिपोर्ट
कोन(सोनभद्र)। नवसृजित विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत रोरवा में खुली नाली लोगों के लिए गंभीर परेशानी और हादसों का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक वित्त, राज्य वित्त और मनरेगा के तहत हुए कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जबकि नाली मरम्मत और ढक्कन लगाने जैसे जरूरी कार्य वर्षों से लंबित हैं। स्थानीय निवासी और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मदन गुप्ता ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, विकास खण्ड, जिला स्तर, मुख्यमंत्री पोर्टल और समाचार पत्रों के माध्यम से बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आईजीआरएस पर 22 नवम्बर 2026 को दर्ज प्रकरण में जिला पंचायतराज अधिकारी की जांच आख्या में भी नाली व ढक्कन का कार्य एक माह में पूर्ण कराने का उल्लेख है, फिर भी आज तक कार्य अधूरा है।
स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को पूर्व ग्राम प्रधान उदयचंद पासवान की अध्यक्षता में बैठक कर सर्वसम्मति से चंदा इकट्ठा कर नाली निर्माण कराने का निर्णय लिया और भ्रष्टाचार के मामले में उच्च न्यायालय जाने की बात कही। अपना दल (एस) के पूर्व पदाधिकारी व सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट हुआ है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। वहीं एडीओ (पंचायत) सुनील पाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है और ढक्कन निर्माण के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक नाली पर ढक्कन नहीं लगाया गया। बैठक में मंजू पासवान, मुकेश भारती, अश्वनी भारती, गोरखनाथ, मदन गुप्ता सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।