राजेश तिवारी की रिपोर्ट
सोनभद्र(कोन)। डाला स्थित उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन ने तरुण्य युवा कार्यक्रम के अंतर्गत 27 व 28 फरवरी को दो दिवसीय आवासीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की। वर्षा जल संचयन और जल शोधन तकनीक विषयक इस कार्यशाला में ग्राम सभा पड़रछ के भालुकूदर व सतद्वारी के युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की। पहले दिन जल संरक्षण की आवश्यकता और उसके सिद्धांतों पर चर्चा हुई, जबकि दूसरे दिन तकनीकी सत्रों के साथ स्थल भ्रमण कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने वर्षा जल को शुद्ध करने की प्रक्रिया को समझते हुए स्वयं फिल्टर तैयार कर उसका प्रदर्शन भी किया।
• विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव, सामुदायिक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा
चुर्क निवासी 76 वर्षीय इंजीनियर डॉ. जय नारायण तिवारी ने वर्षा जल संचयन व शोधन प्रणाली पर प्रशिक्षण देते हुए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्थानीय संसाधनों के उपयोग से जल संरक्षण की तकनीक को व्यवहारिक रूप में समझाया और भालुकूदर में सामुदायिक पायलट प्रोजेक्ट प्रायोजित करने की घोषणा की। कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र व आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध वैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह ने जल संरक्षण को पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती से जोड़ते हुए वैज्ञानिक जानकारी दी। समापन सत्र में युवाओं ने जल बचाने को जन अभियान बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में चंद्र किरण तिवारी, अंकित मौर्य, कुमुद तिवारी तथा प्रतिभागी रूमा, पूनम, अवधेश, दिनेश व चंदन मौजूद रहे।