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  राजेश पाठक विधि संवाददाता

• 46 हजार रुपये का अर्थदंड, पीड़िता को प्रतिकर और पुनर्वास सहायता देने का आदेश

सोनभद्र। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध पाए गए कमलेश मौर्य को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने तथा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।

• तीन धाराओं में सुनाई गई सजा, पीड़िता के पुनर्वास का भी आदेश

अभियोजन के अनुसार, 4 जुलाई 2019 की अर्द्धरात्रि में कमलेश मौर्य पुत्र विजय मौर्य, निवासी भटौलिया, थाना रॉबर्ट्सगंज ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने और शोर मचाने पर पीड़िता तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप था। इस मामले में 9 जुलाई 2019 को थाना रॉबर्ट्सगंज में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद 26 सितंबर 2019 को न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 के तहत एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर क्रमशः पांच माह, चार माह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर उपलब्ध कराने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पुनर्वास सहायता दिलाने का भी आदेश दिया है। मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।





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