सौरभ की रिपोर्ट
घोरावल(सोनभद्र)। क्षेत्र के कोहरथा गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से षष्ठी तिथि से दुर्गा पूजा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र सत्संग प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश, लखनऊ के दिवाकर त्रिपाठी ने नवरात्र के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवरात्र का पर्व बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि नारी शक्ति की सर्वोच्चता और उसकी रचनात्मक ऊर्जा के सम्मान का अवसर भी है।
• महिषासुर वध और भगवान श्रीराम की कथा से मिलता है धर्म की विजय का संदेश
दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि नवरात्र के दौरान महिषासुर वध और भगवान श्रीराम से जुड़ी कथाओं के माध्यम से लोगों को धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाती है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में यजमान बल्ली आदिवासी, प्रवीण त्रिपाठी, आचार्य कन्हैया पांडेय, रामौतार, आजाद सिंह, चंद्रशेखर, विनोद पाठक, संतोष सोनकर, पप्पू पाठक, जयदीप, दिवाकर पाठक, साहब कोल, पंकज वैश्वार, राकेश अग्रहरि, सुरेंद्र पाठक, विजेंद्र विश्वकर्मा, अंजन आदिवासी, सुनील तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।