रामबाबू संवाददाता
दुद्धी(सोनभद्र)। डूमरडीहा गांव में आयोजित प्रसिद्ध रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता और बालि वध के प्रसंगों का सजीव एवं मनमोहक मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम माता सीता की खोज करते हुए ऋष्यमूक पर्वत पहुंचते हैं, जहां हनुमान जी के माध्यम से उनकी भेंट वानर राज सुग्रीव से होती है। इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर श्रीराम और सुग्रीव एक-दूसरे के संकट में साथ देने का संकल्प लेते हैं। मित्रता और विश्वास के इस प्रसंग ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद सुग्रीव को न्याय दिलाने और अधर्म के अंत के प्रतीक बालि वध का मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने धार्मिक वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पूर्व म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गौड़ मुख्य अतिथि और पूर्व विधायक रामदुलारे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश कुशवाहा, संरक्षक सुभाष चंद्र मौर्य, कोषाध्यक्ष नंदू प्रसाद मौर्य, डायरेक्टर रमेश चंद मौर्य, मंडली अध्यक्ष गंगा प्रसाद कुशवाहा तथा जितेश कुमार और अजय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को मित्रता की मर्यादा निभाने, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।