राजेश पाठक विधि संवाददाता
मधुपुर(सोनभद्र)। मां मंगला गौरी दुर्गा पूजन समिति के तत्वावधान में जनकल्याण के उद्देश्य से रविवार रात विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। नव प्रवाह साहित्यिक मंच सोनभद्र के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में सैकड़ों श्रोताओं ने पूरी रात कवियों की रचनाओं का आनंद लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री दिव्या राय ने मां शारदे की वंदना से किया। अध्यक्षता कर रहे शहीद स्थल करारी के प्रमुख प्रद्युम्न त्रिपाठी ने अपनी पंक्तियों “रहें मिलजुल के सभी आदमी बनकर, बहार खिलती रहे बंजर की बात मत करिये” के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
• हास्य, वीर रस और सामाजिक सरोकारों से सजी काव्य संध्या
वाराणसी से आए कवि नाथ सोनांचली ने अपनी रचना से खूब वाहवाही बटोरी। दिव्या राय ने नारी सशक्तिकरण, बंधू पाल बंधू ने हास्य-व्यंग्य, गोपाल कुशवाहा ने संवेदनशील रचनाओं और नर सिंह साहसी ने फिल्मी पैरोडी व समसामयिक कटाक्ष से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। दिवाकर द्विवेदी मेघ ने इंसानियत, डॉ. छोटेलाल मनमीत ने आम आदमी की पीड़ा, अशोक तिवारी ने राष्ट्रीय एकता और राधेश्याम पाल श्याम ने सामाजिक विसंगतियों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रमोद कुमार निर्मल की वीर रस की कविताओं पर श्रोताओं ने जय हिंद और वंदेमातरम के उद्घोष किए। भोर तक चले सम्मेलन में सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने कवियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में समिति के सदस्य भगवान दास यादव, रवि सेठ, राजू चौरसिया, राजेश, सतीश जायसवाल, विकास, मृत्युंजय, अनिल चौरसिया और फारुक अली सहित जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा, उषा देवी तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।