रघुराज सिंह संवाददाता
सोनभद्र। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सहायक महानिरीक्षक (प्रशासन) जय प्रकाश आजाद द्वारा लिखित प्रेरणादायक पुस्तक ‘होगी जय... हे पुरुषोत्तम नवीन!’ का विमोचन बल मुख्यालय नई दिल्ली में केऔसुब महानिदेशक प्रवीर रंजन द्वारा किया गया। यह पुस्तक व्यक्ति के अंदर छिपी संभावनाओं, साहस और संघर्ष की शक्ति को उजागर करती है। पुस्तक में भगवान राम के माध्यम से हर व्यक्ति के भीतर मौजूद आत्मविश्वास, व्यक्तित्व निर्माण और कभी हार न मानने के जज्बे को प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने पुस्तक में यह संदेश देने का प्रयास किया है कि हर व्यक्ति ईश्वर की एक विशेष और अद्वितीय रचना है, जिसके अंदर अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
• “सफलता हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार” बना पुस्तक का मूल संदेश
पुस्तक का मुख्य संदेश है कि सफलता किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और कर्म के आधार पर कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। पुस्तक व्यक्ति को भीड़ से अलग पहचान बनाने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है। केऔसुब ने कहा कि वह अपने अधिकारियों और कार्मिकों के बौद्धिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और ऐसी रचनात्मक पहल कर्मचारियों को नई प्रेरणा देती हैं।