अजीत पाण्डेय संवाददाता
बभनी(सोनभद्र)। बभनी थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत सोमवार को सील की गई अवैध पैथोलॉजी और नर्सिंग होम कुछ ही दिनों में दोबारा संचालित हो गए हैं। इस खुली अवहेलना के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होना स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से बिना पंजीकरण कई पैथोलॉजी सेंटर और नर्सिंग होम संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सोमवार को बभनी पहुंचे सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल के नाम पर चल रहे बड़े सिंडिकेट की ओर भी इशारा किया था। स्थानीय लोगों के विरोध और दबाव के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और उसी दिन पांच अवैध अस्पतालों को सील किया गया। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि भारी लेनदेन के बाद सभी सील किए गए अस्पताल और पैथोलॉजी केंद्र दोबारा चालू कर दिए गए, जिससे क्षेत्रीय लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पंजीकरण के अभाव में केंद्र सील किए गए थे, तो चार दिन के भीतर किसके आदेश पर दोबारा संचालन शुरू हो गया, यह गंभीर जांच का विषय है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बभनी क्षेत्र में संचालित सभी अवैध क्लिनिक, पैथोलॉजी और नर्सिंग होम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पंकज राय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और संबंधित अवैध पैथोलॉजी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।