यशस्वी कन्नौजिया संवाददाता
कोन(सोनभद्र)। कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गांव निवासी सीमा पत्नी देवनारायण की प्रसव के दौरान मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर सीमा को कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया था, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोन रेफर किया गया। आरोप है कि 108 एम्बुलेंस द्वारा सीएचसी कोन ले जाने के बजाय उन्हें कोन बाजार स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया, जहां ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अस्पताल से जुड़े लोग मौके से चले गए। मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और शिकायत प्रशासन तक पहुंची।
• डीएम के निर्देश पर जांच, अस्पताल सील और संचालक पर एफआईआर
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद उपजिलाधिकारी विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन संबंधी अभिलेखों की पड़ताल में अस्पताल बिना वैध पंजीकरण संचालित पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने ग्लोबल हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। साथ ही अस्पताल संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने एम्बुलेंस द्वारा रेफर मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के आरोपों की भी जांच शुरू कर दी है और कहा है कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।