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  रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव

• जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में मात्र सात दिनों में 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा, नई मूल्यांकन सूची को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि

सोनभद्र। आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण के लिए जनपद में चलाए जा रहे विशेष अभियान ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के सतत अनुश्रवण, प्रभावी रणनीति और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप सोनभद्र ने प्रदेश स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया है। विशेष खसरा फीडिंग अभियान के तहत मात्र चार दिनों में लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया, जबकि सात दिनों में 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जनपद ने प्रदेशीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। यह उपलब्धि जनपद प्रशासन की कार्यकुशलता और अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अभियान के तहत भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और मूल्य निर्धारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

• स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तय होंगे सर्किल रेट

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक भूमि की अवस्थिति का विस्तृत विवरण संकलित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य संपर्क मार्गों से किस प्रकार जुड़ी हुई है। साथ ही आसपास उपलब्ध आवासीय, व्यावसायिक और विकासात्मक गतिविधियों का भी आकलन किया जा रहा है, ताकि संपत्तियों का बाजार मूल्य अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित किया जा सके। उपनिबंधक कार्यालय, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयासों से अभियान निरंतर प्रगति पर है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देश दिए हैं कि मूल्यांकन सूची का निर्माण स्थानीय परिस्थितियों, भूमि की वास्तविक उपयोगिता और बाजार की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया जाए, जिससे आमजन को न्यायसंगत और व्यवहारिक व्यवस्था का लाभ मिल सके। जनपद की यह उपलब्धि भविष्य में अधिक सटीक और पारदर्शी सर्किल रेट निर्धारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





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