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  SVG इण्डिया न्यूज रूम

• रियल टाइम खतौनी उपलब्ध न होने पर भी राजस्व अभिलेखों के आधार पर मिलेगा उर्वरक एवं बीज का लाभ

सोनभद्र। जनपद के चकबंदी एवं सर्वे प्रक्रिया के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसानों को खाद, बीज एवं उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद के कुल 92 ग्राम वर्तमान में चकबंदी एवं सर्वे की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इन ग्रामों में रियल टाइम खतौनी उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल किसानों की फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) बनाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यक सामग्री पूर्व की भांति उनके उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर सहकारी समितियों एवं अधिकृत फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को अपनी पुरानी खतौनी अथवा चकबंदी लेखपाल द्वारा प्रमाणित खतौनी प्रस्तुत करनी होगी।


• फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील, 81.53 प्रतिशत कार्य पूरा


कृषि विभाग के अनुसार जिन किसानों की भूमि किसी अन्य ग्राम में दर्ज है, वे संबंधित ग्राम के गाटा नंबर के आधार पर निकटतम जनसेवा केंद्र से अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं। जनपद में कुल 2,17,990 कृषकों के सापेक्ष अब तक 1,77,726 किसानों (81.53 प्रतिशत) की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। शेष किसानों से अपील की गई है कि वे आधार कार्ड, खतौनी एवं मोबाइल नंबर के साथ जनसेवा केंद्र, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिक अथवा लेखपाल के माध्यम से शीघ्र फार्मर रजिस्ट्री कराएं तथा अपने सभी गाटों को फार्मर आईडी से लिंक कराएं, ताकि उन्हें कृषि एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।





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