रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को उभरते हवाई खतरों से सुरक्षित रखने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के बीच एमओयू हुआ है। एनटीपीसी रिहंद सीआईएसएफ के उप कमांडेंट प्रकाश ने बताया कि समझौते के तहत ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण, फोरेंसिक जांच तथा संयुक्त अभ्यास पर जोर दिया जाएगा।
• 370 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा CISF
सीआईएसएफ वर्तमान में विमानन क्षेत्र, परमाणु संयंत्र, अंतरिक्ष केंद्र और तेल रिफाइनरी समेत 370 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। अब तक 3,000 से अधिक कर्मियों को ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि करीब 80 इकाइयां ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
• आरटीसी बहरोड़ बनेगा ड्रोन-काउंटर ड्रोन तकनीक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
एमओयू के तहत आरटीसी बहरोड़ को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर काउंटर-ड्रोन सिस्टम की तैनाती के लिए एसओपी, डिप्लॉयमेंट फ्रेमवर्क और पायलट प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे। संदिग्ध ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और जवाबी कार्रवाई की क्षमता जांचने के लिए संयुक्त ड्रिल व रेड-टीमिंग अभ्यास भी होंगे।