SVG इण्डिया न्यूज रूम
सोनभद्र। जनपद के घोरावल और केकराहि ब्लॉकों में 10 फरवरी से विशेष फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के अनुसार ये दोनों ब्लॉक अभी तक फाइलेरिया मुक्त नहीं हो पाए हैं, जिस कारण यहां विशेष अभियान की आवश्यकता है। अभियान के तहत कुल 6.71 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवाएं खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए घोरावल ब्लॉक में 305 टीमें और केकराहि ब्लॉक में 273 टीमें तैनात की जाएंगी, जो घर-घर जाकर दवा वितरण करेंगी।
सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते बल्कि 5 से 15 साल बाद सामने आते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में पैरों में सूजन, जिसे आमतौर पर पिल पांव या हाथी पांव कहा जाता है, पुरुषों के अंडकोष में सूजन और महिलाओं के स्तन में सूजन शामिल हैं। यह बीमारी लाइलाज है, इसलिए समय रहते दवा सेवन के माध्यम से इसकी रोकथाम अत्यंत आवश्यक है।