SVG इण्डिया न्यूज रूम
लखनऊ। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन एवं राजकीय शिक्षक संघ (मूल संघ) के संयुक्त तत्वावधान में 08 फरवरी 2026 को मूल संघ का 66वां प्रान्तीय अधिवेशन सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में परीक्षा पर चर्चा तथा परीक्षार्थियों पर बढ़ते दबाव विषय पर विस्तृत विमर्श हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश (मूल संघ) के पूर्व प्रान्तीय अध्यक्ष एवं संरक्षक राम सहाय शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रान्तीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त मीनाक्षी कौल उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय महासचिव सी. एल. रोज तथा पूर्व अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एवं विधि सलाहकार रमेश शामिल रहे। प्रथम सत्र में शिक्षकों की विभिन्न मांगों से जुड़े प्रस्ताव पारित कर सरकार से राजकीय शिक्षकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई, जिसमें प्रदेश के लगभग सभी मंडलों से सैकड़ों शिक्षकों ने सहभागिता की।
द्वितीय सत्र में सी. एल. रोज द्वारा राजकीय शिक्षक संघ की नवीन प्रान्तीय कार्यकारिणी के गठन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से अनुमोदित किया। इसके तहत अशोक कुमार गौतम अध्यक्ष, अशोक कुमार अवाक महामंत्री तथा सत्यम शिवम सुन्दरम प्रान्तीय प्रवक्ता एवं कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में विजय भारतीय सिंह, सत्यपाल सिंह कर्दम, इंदु यादव और विंध्याचल सिंह का चयन हुआ। प्रान्तीय उपाध्यक्ष वेद प्रकाश राय, अनुप्रिया गौतम, उमेश कुमार पाण्डेय और रीता प्रसाद बने। प्रान्तीय संयुक्त मंत्री अंजू रानी और विनोद कुमार पाल चुने गए, जबकि संगठन मंत्री अमर सिंह एवं सरोज गिरि, प्रचार मंत्री फैज सिद्दीकी और अंजलि प्रिया गौतम नियुक्त हुईं। सांस्कृतिक मंत्री का दायित्व राजकुमार और पायल जैन को सौंपा गया, राजेश कुमार यादव प्रान्तीय कोषाध्यक्ष तथा नीतू मिश्रा आय-व्यय निरीक्षक बनीं। नवीन कार्यकारिणी को शपथ सी. एल. रोज ने दिलाई, मंच संचालन अशोक कुमार अवाक ने किया और सभी पदाधिकारियों ने राजकीय शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प दोहराया।