अजीत पाण्डेय संवाददाता
सोनभद्र(बभनी)। उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों को ‘स्मार्ट’ बनाने और बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन बभनी शिक्षा क्षेत्र से सामने आई तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। उच्च प्राथमिक विद्यालय असनहर के छात्र आज भी कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हैं, जबकि विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक की विधिवत तैनाती दर्शाई गई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक वर्षों से विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं। बच्चों का कहना है कि उन्होंने अपने कंप्यूटर शिक्षक को कभी कक्षा में पढ़ाते नहीं देखा। आरोप है कि शिक्षक बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) बभनी में रहकर आधार कार्ड से जुड़े कार्यों में संलग्न हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि बीआरसी परिसर में आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जनता में रोष व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि जहां बच्चों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी मिलनी चाहिए, वहां वे शिक्षा से वंचित रह जा रहे हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि उनकी जानकारी में यह सब होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। बीआरसी पर पहले से आधार की दो आईडी संचालित होने के बावजूद एक शिक्षक की वहां तैनाती को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
डिजिटल युग में जब छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता है, तब इस प्रकार की लापरवाही बच्चों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। मामले को लेकर जब खंड शिक्षा अधिकारी राकेश पांडेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बातचीत नहीं हो सकी। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस प्रकरण का संज्ञान लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई करते हैं या नहीं।