राजेश तिवारी की रिपोर्ट
कोन(सोनभद्र)। विकास खंड कोन की ग्राम पंचायत रोरवा में अनियमितताओं की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित जांच अधिकारी आदेश की अनदेखी कर रहे हैं और मामले में लेटलतीफी हो रही है। स्थानीय निवासी प्रतीक कुमार एवं राजेश कुमार भाटिया द्वारा 19 जनवरी 2026 एवं 18 दिसंबर 2025 को शपथपत्र युक्त शिकायत प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, मनरेगा व राज्य वित्त मद में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उ.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1) के तहत जांच समिति गठित की गई, जिसमें जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को नामित किया गया। निर्देश था कि एक पक्ष के भीतर स्थलीय, अभिलेखीय व तकनीकी जांच कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
जांच में देरी पर ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि द्वारा धन का बंदरबांट किया गया और जांच में देरी कर मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को शौचालय व मनरेगा मद में भुगतान दिखाया गया, जबकि वास्तविक कार्य करने वालों का भुगतान दो वर्षों से लंबित है। बुधवार को प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एडीओ पंचायत व ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राघवेंद्र चंद्र आर्य, रामनाथ गुप्ता, सूर्य देव, राघवेंद्र भारती, भगवान दास, दीप नारायण, शांति देवी, राजू देवी सहित अन्य लोग शामिल रहे। वहीं जांच अधिकारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों से अभिलेख मांगे गए हैं और अभिलेख प्राप्त होते ही जांच पूरी कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।