राजेश पाठक विधि संवाददाता
सोनभद्र(करमा)। करीब साढ़े चार वर्ष पहले हुए राम आसरे मौर्य हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने राजेंद्र मौर्या, जसवंत मौर्या और निहाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में चार-चार माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि विचाराधीन अवधि में जेल में बिताया गया समय सजा में समाहित किया जाएगा। साक्ष्य के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार मगरदहा निवासी संतोष मौर्य ने करमा थाने में दी तहरीर में बताया था कि जमीन पर पाइप बिछाने को लेकर विवाद चल रहा था। 29.11.2021 की रात शादी समारोह से लौटते समय बिसहार पहाड़ी के पास आरोपियों ने रास्ता रोककर हमला कर दिया। आरोप है कि कहासुनी के दौरान जसवंत मौर्या ने राम आसरे मौर्य की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सभी हमलावर फरार हो गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसके आधार पर सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।