अजीत पाण्डेय संवाददाता
बभनी(सोनभद्र)। दरनखाड़ गांव की 75 वर्षीया विधवा सुधरी देवी अपनी रिहन्द बांध विस्थापित भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर दर-दर भटक रही हैं। यह जमीन उन्हें विस्थापन के बाद जीविकोपार्जन के लिए मिली थी। वर्षों पहले पुत्र के इलाज के लिए आर्थिक संकट में उनके पति ने जमीन गिरवी रखी थी, जिसे बाद में 55 हजार रुपये देकर छुड़ाया गया। आरोप है कि जमीन छुड़वाने में सहयोग का भरोसा देने वाले व्यक्ति ने ही जेसीबी लगवाकर खेत तैयार कर लिया और अब उस पर कब्जा जमाकर विरोध करने पर धमकी दे रहा है।
12 दिसंबर को थाने में प्रार्थना पत्र, 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री दरबार में शिकायत
पीड़िता ने 12 दिसंबर को थाना स्तर पर शिकायत दी, 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री दरबार में प्रकरण दर्ज कराया और 17 फरवरी को तहसील दिवस में भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गाटा संख्या 3849, रकबा 0.64508 भूमि में वह सह-खातेदार बताई जा रही हैं। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय उनके नाती को ही मुकदमे में उलझा दिया गया। क्षेत्रीय लेखपाल अरुणोदय पांडेय ने बताया कि तहसील दिवस से प्राप्त शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।