शिवेंदु श्रीवास्तव की रिपोर्ट
लुम्बिनी(नेपाल)। नेपाल स्थित लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार ‘शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति का वैश्विक विमर्श : चुनौतियां, अवसर एवं संभावनाएं’ के दौरान सर्चलुक शोध पत्रिका के सहायक सम्पादक एवं साकेत महाविद्यालय के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश वेदी को ‘अंतरराष्ट्रीय ज्ञान गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सेमिनार में डॉ. वेदी ने अपना शोध-पत्र “The Geomorphic Crucible: The Role of Geography in the Birth, Nurturing and Demise of Human Civilization and Culture” प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने भूगोल के क्षेत्र में ‘भ्वाकृतिक देहली’ और ‘सांस्कृतिक प्रत्यास्थता’ जैसे नवीन वैचारिक प्रतिमानों को सामने रखा।
• भूगोल और सभ्यताओं के संबंध पर प्रस्तुत किया महत्वपूर्ण शोध
डॉ. वेदी ने अपने शोध में विश्व की विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों के जन्म, विकास तथा अवसान में भूगोल की भूमिका को रेखांकित किया। उनके अनुसार भूगोल संस्कृतियों का विनाश नहीं करता, बल्कि उन्हें नए क्षेत्रों में विकसित होने के लिए प्रेरित करता है। उल्लेखनीय है कि सर्चलुक एक अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित छमाही शोध पत्रिका है, जिसके प्रधान संपादक डॉ. बृजेश महादेव हैं। डॉ. वेद प्रकाश वेदी की इस उपलब्धि पर शोध पत्रिका परिवार और समस्त टीम ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।