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  अजीत पाण्डेय संवाददाता

• बरवा टोला क में बिना काम के उपस्थिति दर्ज कर भुगतान कराने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

सोनभद्र(बभनी)। बभनी विकास खंड के ग्राम पंचायत बरवा टोला क में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी लगाने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार वन वाटिका और बावली की सफाई के नाम पर फर्जी तरीके से हाजिरी लगाई जा रही है। मजदूर सुबह 8 बजे कार्यस्थल पर पहुंचते हैं और करीब 8:30 बजे हाजिरी लगने के बाद वापस चले जाते हैं, जबकि मौके पर कोई काम नहीं होता। आरोप है कि स्कैनिंग और उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी कई मजदूर वापस चले जाते हैं, लेकिन उनकी पूरे दिन की हाजिरी लगाई जाती है। कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मस्टर रोल में दर्ज किए जाने का आरोप है जिन्होंने कभी मनरेगा कार्यस्थल पर मजदूरी नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ कार्य अभिलेखों में पूर्ण भी दर्शा दिए गए हैं, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है। भाकपा के जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

• रोजगार सेवक ने आरोपों को बताया गलत, अतिरिक्त मनरेगा अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन

रोजगार सेवक कृष्ण कुमार ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नेटवर्क की समस्या के कारण बाद में मजदूरों की स्कैनिंग कराई गई, जिससे उनकी मजदूरी का भुगतान हो सके। उन्होंने स्वीकार किया कि यह नियमों के विरुद्ध है, लेकिन व्यावहारिकता के तहत ऐसा किया गया। वहीं ग्राम प्रधान रामदौलत ने कहा कि मस्टर रोल का काम रोजगार सेवक देखते हैं और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। अतिरिक्त मनरेगा अधिकारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, यदि ऐसा हुआ होगा तो जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीए स्टीमेट बनाते हैं और सचिवों को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा जाता है, लेकिन कई बार निरीक्षण नहीं हो पाता। वहीं खंड विकास अधिकारी उत्कर्ष सक्सेना से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों पर अक्सर जांच का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से मनमानी बढ़ती जा रही है।





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