रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव
सोनभद्र। योगी सरकार आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र को पिछड़ेपन की पहचान से बाहर निकालकर विकसित और सुव्यवस्थित जनपद बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। निवेश अनुकूल माहौल तैयार होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार ने दूसरे जनपदों से बेहतर संपर्क स्थापित करने वाली छह महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के अंतर्गत लगभग 86 किलोमीटर लंबी छह सड़कों का निर्माण करीब 257 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सर्वे और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार राज्यों की सीमाओं से जुड़े सोनभद्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने से उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में समय व लागत दोनों की बचत होगी, जबकि आमजन को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
• सलैयाडीह-खरौंदी से लेकर शक्तिनगर तक कई मार्ग होंगे विकसित
जिलाधिकारी ने बताया कि सलैयाडीह से खरौंदी तक 15.84 किलोमीटर दो लेन सड़क का निर्माण 61.65 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। बखिरवा से स्वागत गेट बीजपुर तक 20.17 किलोमीटर दो लेन सड़क पर 49 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ऑडी मोड़ अनपरा से शक्तिनगर तक 18.42 किलोमीटर चार लेन सड़क का निर्माण 55.72 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। इसके अलावा ऑडी मोड़ अनपरा से मध्य प्रदेश के मिर्चाधूरी रेलवे स्टेशन तक 12.15 किलोमीटर सड़क पर 24.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नधिरा से बखिरवा तक 10 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर 1.60 करोड़ रुपये तथा डिब्लूगंज से जोगेनदरा तक 10 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर लगभग 64.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रशासन का दावा है कि इन मार्गों के निर्माण से आवागमन सुगम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।