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  अजीत पाण्डेय संवाददाता

• आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षित करने पर विशेष जोर

बभनी(सोनभद्र)। बभनी विकास खंड के ब्लॉक संसाधन केंद्र पर मंगलवार से आउट ऑफ स्कूल बच्चों के विशेष प्रशिक्षण हेतु नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण में दो बैचों में 125 परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आउट ऑफ स्कूल बच्चों को उनकी आयु व कक्षा के अनुरूप दक्ष बनाना है। उन्होंने नोडल शिक्षकों से विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं उनके शिक्षण-अधिगम पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। यदि इन पर समुचित ध्यान नहीं दिया गया तो उनके पुनः ड्रॉप आउट होने की आशंका बनी रहेगी।

प्रशिक्षण में शारदा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों का चिह्नीकरण, पंजीकरण, नामांकन, आकलन एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाएगी, जो कभी विद्यालय में नामांकित नहीं हुए या नामांकन के बाद 45 दिन अथवा उससे अधिक समय तक अनुपस्थित रहे हैं। ऐसे बच्चों को आयु-संगत कक्षा में प्रवेश दिलाकर उनकी शिक्षा पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक बाल किशुन, लाल पति, सत्य प्रकाश, सुभाष चन्द्र एवं विजयनाथ द्वारा विषयवस्तु प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर राजकुमार विश्वकर्मा, सुमीत सिंह, नजर मुहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अच्युतानंद तिवारी, ममता देवी, सरोज, सुरेन्द्र कुमार सहित सभी 125 विद्यालयों के नोडल शिक्षक उपस्थित रहे।





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