रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। स्थानीय दुदहिया माता मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। कथा व्यास श्री राम मोहन दास रामायणी जी ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान भगवान राम की जन्मस्थली की महिमा और त्रिवेणी संगम का वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु अपने भीतर गहरी आस्था और भक्ति का अनुभव कर रहे थे।
• शिव विवाह का प्रसंग: भक्तों में उमंग और उल्लास का माहौल
कथा के दूसरे दिन शिव विवाह का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु झूम उठे। भगवान शिव की बारात जब निकली, तो भूत-प्रेतों के वेश में बच्चों ने नृत्य किया, और पूरा पंडाल "हर-हर महादेव" और "जय श्री राम" के उद्घोष से गूंज उठा। भजनों पर श्रद्धालु भावुक होकर झूमने लगे और आनंदित हो उठे। साथ ही, कथा के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि नफरत के बदले मोहब्बत बांटना ही सच्ची मानवता है और प्रभु का स्मरण ही जीवन को पार करने की कुंजी है।
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