रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। राम नवमी के अवसर पर प्राचीन दूदहिया माता मंदिर परिसर में चल रही श्री राम कथा के पांचवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राम मोहन दास रामायणी ने भगवान राम के जन्म और बाल स्वरूप की लीला का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा में भगवान शिव के साधु वेश धारण कर राम लला के दर्शन करने की कथा और कौशल्या प्रसंग ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं भजन प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूमते नजर आए।
• भावुक प्रसंगों ने खोले दशरथ के ज्ञान चक्षु
कथा के दौरान गुरु विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से यज्ञ रक्षा हेतु राम और लक्ष्मण को मांगने का प्रसंग सुनाया गया, जिसमें माया-मोह त्याग का संदेश दिया गया। इस मार्मिक प्रसंग ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। कथा के समापन पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, कन्या पूजन, आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर पवन कुमार मिश्र, राजेंद्र शाह, राम लल्लू गुप्ता, डी सी शुक्ला और चतुरानंद जायसवाल को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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