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  रिपोर्ट: परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव

• प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में पत्नी, पति समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल व नगदी बरामद

घोरावल(सोनभद्र)। प्रॉपर्टी डीलर कुंवर मौर्य की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने गहराई से जांच करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चली कार्रवाई में तीन आरोपियों — चन्द्रशेखर मौर्य उर्फ मखंचू, साहब लाल मौर्य और लीलावती — को गिरफ्तार किया गया। यह मामला 27 मार्च को दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप था कि 22 मार्च की रात कुंवर मौर्य की हत्या कर शव को सिरसी डैम में फेंक दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और कुल ₹2450 नगद भी बरामद किए। घटना के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर फरार चल रहे थे, जिन्हें पुलिस ने खुटहा बाईपास तिराहे के पास घेराबंदी कर दबोच लिया।

• पैसों का विवाद, रिश्तों में तनाव और आरोपों की आग ने ली जान

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुंवर मौर्य से पैसों का बड़ा विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक ने चन्द्रशेखर से करीब 7 लाख रुपये उधार लिए थे और वापस नहीं कर रहा था। वहीं लीलावती ने आरोप लगाया कि मृतक का उसके घर आना-जाना था और इस दौरान नजदीकी संबंध भी बन गए थे। इसी बीच पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप, बेटी की शादी टूटना, जमीन के पैसों को लेकर विवाद और कथित गलत नजर रखने जैसे कारणों से आक्रोश बढ़ता गया। आरोप है कि 22 मार्च की रात लीलावती ने कुंवर मौर्य को घर बुलाकर खाना खिलाया, जहां उसने शराब भी पी। इसके बाद सोते समय लीलावती, उसके पति साहब लाल और चन्द्रशेखर ने मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी।

• फिल्मी अंदाज में शव ठिकाने, ड्राइवर को धमकाकर कराया काम

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को साड़ी में लपेटकर हाथ-पैर बांध दिए और बाहर कार में सो रहे चालक रोहित को डरा-धमकाकर शव को डिग्गी में रखवाया। इसके बाद सभी लोग सिरसी डैम पहुंचे, जहां शव को पत्थर से बांधकर पुलिया से नीचे फेंक दिया गया। इसके बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से भाग निकले और सबूत मिटाने के लिए मृतक के मोबाइल फोन तक को रास्ते में फेंक दिया। जब उन्हें पता चला कि ड्राइवर ने घटना की जानकारी दे दी है, तो उन्होंने अपने सिम कार्ड तक जला दिए और छिपते रहे।

• पुलिस की घेराबंदी में टूटा खेल, भागने की फिराक में थे आरोपी

घटना के बाद पुलिस लगातार सुराग जुटा रही थी और मुखबिर की सूचना पर खुटहा बाईपास के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पूरे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी, जिसमें पारिवारिक रिश्तों, पैसों के विवाद और व्यक्तिगत आरोपों का जटिल मिश्रण सामने आया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।





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