रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। एनटीपीसी रिहंद से परिवहन हो रहे राख वाहनों और एमजीआर साइट पर लोडिंग व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय खुले में सूखी राख की लोडिंग की जा रही है, जिससे उड़ने वाली बारीक राख आसपास के गांवों और दूरदराज क्षेत्रों तक फैल रही है। ग्रामीणों के अनुसार वाहनों के मार्ग पर पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा, जबकि नियमों के पालन को लेकर केवल दिखावटी इंतजाम किए गए हैं। आरोप है कि राख के कण घरों, खेतों और सांसों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों को दमा, खांसी और त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
• ओवरलोड वाहनों और सड़क पर फैली राख से बढ़ा खतरा
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय क्षमता से अधिक राख लादकर वाहन निकाले जाते हैं। चढ़ाई पर वाहन न चढ़ पाने की स्थिति में चालक सड़क किनारे राख गिरा देते हैं, जिससे सड़कें राख के ढेर में बदल गई हैं और आवागमन जोखिमभरा हो गया है। लोगों का कहना है कि खेतों और पेड़-पौधों पर राख जमने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। कुछ महीने पहले राख निस्तारण में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच एजेंसियों के पहुंचने के बाद हालात कुछ समय सुधरे थे, लेकिन अब फिर पुरानी स्थिति लौटने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
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