रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। एनटीपीसी रिहंद ने सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप अपनी स्थिरता पहलों को और तेज करने की जानकारी दी है। संस्थान के अनुसार स्थापना के बाद से अब तक लगभग 24 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 35 हजार पौधे मियावाकी तकनीक से विकसित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 हजार नए पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के तहत वर्ष 2019 से लगभग 34 टन प्लास्टिक कचरे का सीमेंट संयंत्रों में सह-प्रसंस्करण के माध्यम से उपयोग किया गया है। टाउनशिप में रंग-कोडेड डस्टबिन और जागरूकता अभियानों के जरिए स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
• स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और राख के उपयोग पर भी विशेष फोकस
संस्थान के मुताबिक फ्लाई ऐश और पॉण्ड ऐश का उपयोग सीमेंट तथा सड़क निर्माण परियोजनाओं में किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में समर्थ अभियान के अंतर्गत 40,848 मीट्रिक टन बायोमास पेलेट्स का उपयोग किया गया। घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट जल के 100 प्रतिशत पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग का दावा भी किया गया है। वहीं एसओएक्स उत्सर्जन में कमी के लिए एफजीडी यूनिट पर कार्य जारी है। एनटीपीसी रिहंद 20 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना विकसित कर रहा है तथा नेट-जीरो टाउनशिप की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके तहत 1.2 लाख घन मीटर क्षमता की वर्षा जल संचयन व्यवस्था स्थापित की जा चुकी है, जबकि 4 लाख घन मीटर अतिरिक्त क्षमता की योजना और 6 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप व ग्राउंड माउंटेड सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं।