सौरभ की रिपोर्ट
सोनभद्र(ओबरा)। रेणुका छठ घाट पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया, जब घूमने पहुंचे लोग नदी के बीच बने टापू पर पहुंच गए और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण वहां फंस गए। बताया गया कि ओबरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का बहाव तेजी से बढ़ गया और टापू चारों ओर से पानी से घिर गया। कुछ लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन 11 लोग बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर रोक लगवाई गई। अंधेरा होने के बावजूद पुलिस, पीआरवी, नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया और स्थानीय युवकों ने संयुक्त रूप से राहत अभियान चलाकर सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
• घटना ने उजागर की सुरक्षा व्यवस्था की कमी, स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी इंतजामों की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका घाट पर अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं और पूर्व में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेडिंग और स्थायी निगरानी व्यवस्था का अभाव है। कम पानी देखकर लोग नदी के भीतर चले जाते हैं और बांध से पानी छोड़े जाने के बाद कुछ ही मिनटों में हालात खतरनाक हो जाते हैं। इस बार समय रहते चले रेस्क्यू अभियान से जनहानि टल गई, लेकिन घटना ने घाट पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी चेतावनी प्रणाली और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।