सौरभ की रिपोर्ट
(राबर्ट्सगंज)सोनभद्र। प्रस्तावित पावर परियोजना के लिए करीब 2.06 लाख पेड़ों की प्रस्तावित कटान के विरोध में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए सैकड़ों आदिवासी महिला-पुरुष तीर-धनुष एवं पारंपरिक हथियारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा कटान की अनुमति दिए जाने से पर्यावरण के साथ-साथ आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर पेड़ों की कटान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
• आंदोलन तेज करने की चेतावनी, जंगल को बताया अस्तित्व का आधार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जंगल उनके लिए केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और रोजगार का आधार हैं। रामसूरत खरवार, पूनम कुमारी, कन्हैया चेरो, बिंदु अगरिया, राम बहाल और रामसेवक सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो जंगल बचाने के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटान पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक विस्तारित किया जाएगा।