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  शिवेंदु श्रीवास्तव की रिपोर्ट

• परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक किया सील

राबर्ट्सगंज(सोनभद्र)। जनपद में एक बार फिर अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जच्चा और नवजात की मौत का मामला सामने आया है। नगर की इमरती कॉलोनी स्थित सिंह हेल्थ केयर में प्रसव के दौरान हुई इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। मृतका के पति के अनुसार वह गुरुवार को अपनी पत्नी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान एक कथित दलाल ने उन्हें गुमराह कर सिंह हेल्थ केयर ले जाने की सलाह दी और सुरक्षित प्रसव का भरोसा दिलाया। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक पहुंचने पर खून की कमी बताकर बाहर से खून मंगवाया गया। पहले सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर कथित रूप से अप्रशिक्षित लोगों द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिसमें नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत क्लिनिक में ही हो चुकी थी, लेकिन उसे लाइफ सपोर्ट के सहारे वाराणसी रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

• मौत के बाद कार्रवाई पर उठे सवाल, एफआईआर की तैयारी शुरू

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्लिनिक को सील कर दिया। नोडल अधिकारी गुलाब शंकर ने बताया कि संबंधित क्लिनिक के अवैध रूप से संचालित होने की जानकारी पहले से थी तथा उसके संबंध में आवेदन विचाराधीन था, लेकिन कार्रवाई पूरी होने से पहले यह घटना हो गई। उन्होंने बताया कि क्लिनिक को सील कर दिया गया है और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिला मुख्यालय से चंद दूरी पर अवैध क्लिनिक आखिर किसके संरक्षण में संचालित हो रहा था, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। जिले में पहले भी अवैध अस्पतालों और क्लिनिकों में इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई किसी बड़ी घटना के बाद ही होती है। ऐसे में समय रहते अवैध क्लिनिकों पर प्रभावी कार्रवाई न होने को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।





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