शिवेंदु श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गुरमा(सोनभद्र)। मारकुंडी-गुरमा मार्ग पर घाघर नदी पर निर्माणाधीन पुल के दौरान आवागमन बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा मीनाबाजार के पास बनाया गया वैकल्पिक संपर्क मार्ग मानसून की पहली तेज बारिश में ही बह गया। मार्ग ध्वस्त होने के बाद जिला कारागार गुरमा और आसपास के कई गांवों का सीधा संपर्क बाधित हो गया है। अब लोगों को मारकुंडी, तेलाई, चकरिया, पेड़रहवा, कुशहिया और कालापानी होकर करीब 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, मजदूरों, व्यापारियों और ग्रामीण महिलाओं पर पड़ रहा है।
• ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप, सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण शुरू होने के समय से ही मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग लगातार की जा रही थी। इसके लिए कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। पहली ही तेज बारिश में मार्ग बह जाने से विभागीय तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार कराने और पुल निर्माण कार्य में तेजी लाकर आवागमन जल्द बहाल करने की मांग की है।