राजेश पाठक विधि संवाददाता
रॉबर्ट्सगंज(सोनभद्र)। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमकार शुक्ला की अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। मुख्य अभियुक्त दिनेश कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोषसिद्ध कर 10 वर्ष के कठोर कारावास समेत विभिन्न धाराओं में सजा और कुल ₹50,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं सह-अभियुक्त सूर्य नारायण को धारा 363 के तहत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
• अभियोजन के साक्ष्यों को न्यायालय ने माना पर्याप्त, पीड़िता के पुनर्वास के लिए दिए निर्देश
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2019 में नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान चिकित्सीय परीक्षण, न्यायिक बयान, विद्यालयीय अभिलेख एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को संदेह से परे मानते हुए दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। साथ ही निर्देश दिया कि अर्थदंड की वसूली की राशि नियमानुसार पीड़िता के उपचार, मानसिक पुनर्वास एवं अन्य सहायता के लिए उपलब्ध कराई जाए। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरी एवं विशेष लोक अभियोजक नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।