राजेश पाठक विधि संवाददाता
सोनभद्र। नाबालिग बच्चियों से गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में सोनभद्र पॉक्सो कोर्ट ने दोषी अली फैयाज उर्फ फैज पुत्र सलीमुद्दीन अंसारी निवासी अनपरा को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में कुल 73 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमकार शुक्ला की अदालत ने थाना अनपरा के मुकदमा अपराध संख्या 70/2026 में सुनाया। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने दो नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ लैंगिक अपराध किया था। सुनवाई के दौरान पीड़िताओं के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य, जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज, पुलिस विवेचना और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनके समग्र परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
• अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दंड, आरोप तय होने के बाद तेजी से हुई सुनवाई
न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, पीड़िताओं पर पड़े प्रभाव और समाज पर उसके असर को देखते हुए कठोर दंड को आवश्यक माना। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है। फैसले की खास बात यह रही कि आरोप विरचित होने के महज 4 माह 4 दिन में सुनवाई पूरी कर सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि और नीरज कुमार सिंह ने पक्ष रखा। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े गंभीर अपराधों में त्वरित सुनवाई के जरिए पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना।