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  सौरभ की रिपोर्ट

• लैपटॉप-प्रिंटर से तैयार करते थे फर्जी सिक्योरिटी पेपर, गिट्टी-बालू के अवैध परिवहन में होता था इस्तेमाल

रॉबर्ट्सगंज(सोनभद्र)। अवैध खनन और खनिजों के फर्जी दस्तावेजों के जरिए परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रॉबर्ट्सगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी सिक्योरिटी पेपर और परमिट तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों अश्विनी पटेल, उमेश यादव, हिमांशु पाण्डेय और शक्तिमान कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चौकी हिंदुआरी क्षेत्र के तेंदू नहर के पास आरोपियों की तलाश के दौरान सूचना मिली कि वे तेंदू (मगुरही) स्थित हनुमान मंदिर परिसर में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी में जुटे हैं। घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर/फार्म-11 को डिजिटल माध्यम से एडिट कर वाहन संख्या, चालक का विवरण और गिट्टी-बालू की मात्रा सहित अन्य जानकारी दर्ज कर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एचपी का लैपटॉप, कैनन प्रिंटर, चार मोबाइल फोन और 5,900 रुपये नकद समेत अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की है।

• गिरोह में बंटी थी अलग-अलग जिम्मेदारी, पुराने फर्जी परमिटों की भी हो रही जांच

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल और उमेश यादव इन्हें शक्तिमान कुमार के सहज जनसेवा केंद्र पर ले जाकर जरूरत के मुताबिक एडिट कराते थे। इसके बाद तैयार दस्तावेजों का इस्तेमाल गिट्टी-बालू लदे वाहनों के परिवहन में किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 16 जून और 22 जून 2026 को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कराने की बात बताई है, जिनके आधार पर कराए गए खनिज परिवहन की विस्तृत तकनीकी और विवेचनात्मक जांच की जा रही है। कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम ने की। चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।





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