सौरभ की रिपोर्ट
घोरावल(सोनभद्र)। पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार को ऐतिहासिक शिवद्वार धाम स्थित उमा-महेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा। रविवार दोपहर बाद से शुरू हुआ कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मन्दिर के पुजारी सुरेश गिरी के मुताबिक करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने उमा-महेश्वर का दर्शन-पूजन किया। भोर में डाक कांवड़ियों के पहुंचने के साथ जलाभिषेक शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। घंटा-घड़ियाल की गूंज और हर-हर महादेव, बोल बम के जयकारों से पूरा शिवद्वार धाम शिवमय बना रहा।
मिर्जापुर, सोनभद्र समेत विभिन्न जनपदों से पहुंचे लाखों कांवड़ियों ने करीब 70 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबा को जल अर्पित किया। बच्चों से लेकर करीब 70 वर्ष तक के बुजुर्ग कांवड़ यात्रा करते नजर आए, वहीं महिलाओं और युवाओं में भी खासा उत्साह रहा। श्वेत वस्त्रों में करीब दो हजार डाक कांवड़िए आकर्षण का केंद्र रहे और उन्होंने नॉनस्टॉप शिवद्वार पहुंचकर जलाभिषेक किया। 200 से अधिक धार्मिक झांकियों और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच कांवड़ियों ने नाचते-गाते यात्रा को भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कई बार घोरावल-शिवद्वार मार्ग पर जाम की स्थिति बनी, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।