रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। समूचे क्षेत्र में तीन दिवसीय जीवित्पुत्रिका व्रत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। शनिवार को महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा। सोलह श्रृंगार कर डलिया में फल, फूल, पकवान और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं बेड़ियां हनुमान मंदिर एवं मां दूदहिया माता मंदिर पहुंचीं। यहां वेदी बनाकर धूप-दीप जलाया और भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महंगाई का असर भी त्योहार पर नजर आया। बाजार में खीरा करीब 80 रुपये, तोरई 120 रुपये, केला 70 रुपये और सेब 100 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर बिकने से व्रती महिलाओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
• कथा श्रवण के साथ भक्तिमय हुआ माहौल, रविवार को होगा व्रत का पारण
बेड़ियां हनुमान मंदिर के पुजारी आचार्य अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि महिलाएं सप्तमी तिथि को मड़ुआ की रोटी, नोनी की साग और तोरई की सब्जी आदि से नहाय-खाय की शुरुआत करती हैं। इसके बाद अष्टमी तिथि पर निर्जला व्रत धारण कर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। शनिवार की शाम मंदिरों में पहुंचीं व्रती महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने के साथ चिल-सियारिन की कथा सुनी और पुत्र की दीर्घायु के साथ देश-समाज के कल्याण की कामना की। पूजा-पाठ और भक्ति गीतों से पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा। रविवार को भीगे चने, तोरई सहित विभिन्न पकवानों से पारण के साथ व्रत का समापन होगा।
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