रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और कराए जा रहे विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय स्तर की समस्याओं की समय से पहचान कर विभागीय समन्वय से उनका समाधान कराया जाए। किसी भी विद्यालय में मूलभूत सुविधा या अन्य समस्या सामने आने पर शिक्षक उसे अपने स्तर तक सीमित न रखें, बल्कि तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाएं। जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिक्षकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और विद्यालयों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेकर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही बच्चों एवं शिक्षकों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए विद्यालयों तक बेहतर पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
• डीएमएफ कार्यों के सत्यापन और विद्यालयों के विद्युतीकरण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने डीएमएफ फंड से विद्यालयों में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने को कहा। विद्यालयों में विद्युत सुविधा की समीक्षा के दौरान उन्होंने विद्युतीकरण से वंचित विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विद्यालयों में सुनिश्चित की जाएं, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय, ब्लॉक, तहसील एवं जनपद स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है और विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान समय से सुनिश्चित किया जाए।