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  रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव

पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से निजी विद्यालयों में प्रवेश, सरकार कर रही 7.50 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति

सोनभद्र। आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में वर्तमान में 1730 बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन एवं लॉटरी की व्यवस्था के माध्यम से पात्र बच्चों को बिना भेदभाव शिक्षा का अधिकार दिलाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अच्छे निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है।

• निजी विद्यालयों को हर साल 7.50 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति

जिलाधिकारी ने बताया कि आरटीई के तहत वंचित बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार स्वयं वहन कर रही है। सोनभद्र में निजी विद्यालयों को आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति के रूप में हर साल करीब 7.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इससे एक ओर बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल रहा है, वहीं निजी विद्यालयों को भी सरकार की ओर से निर्धारित प्रतिपूर्ति प्राप्त हो रही है। यह व्यवस्था आर्थिक असमानता कम करने और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





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