SVG इण्डिया न्यूज रूम
सोनभद्र। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन शुद्धि के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह से जुड़े दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 220 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ दस लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करी के लिए इस्तेमाल छह पहिया EICHER वाहन भी पुलिस ने बरामद किया है, जिसमें गांजा छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीके से विशेष गुप्त केबिन बनाया गया था। पूछताछ में ओडिशा से गांजा लाकर सोनभद्र के रास्ते दिल्ली पहुंचाने वाले नेटवर्क के कई अहम सुराग सामने आए हैं। सोनभद्र पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सिर्फ छोटे स्तर के तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतर्राज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश लगातार जारी है। ऑपरेशन शुद्धि के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की टीम संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी तिराहे से कुछ पहले पुल के पास एक छह पहिया EICHER वाहन खड़े होने और उसमें दो संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो दोनों ने वाहन से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बदायूं जिले के बिरेस और गोविन्द के रूप में हुई है। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो तस्करी का पूरा तरीका सामने आ गया। वाहन के मालवाहक हिस्से के आगे लोहे की चादरों को वेल्डिंग कर एक विशेष गुप्त केबिन बनाया गया था। इसी केबिन में सात बोरों में 220 किलोग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ दस लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा करीब दस लाख रुपये कीमत का EICHER PRO 1075 वाहन, दो मोबाइल फोन और चार हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ बीस लाख रुपये है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली के कुछ लोगों के संपर्क में थे और उनके लिए गांजा लाने का काम करते थे। गांजा खरीदने के लिए उन्हें दिल्ली से पैसा उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद दोनों ओडिशा के सुंदरगढ़ और कालाहांडी क्षेत्र में पहुंचे, जहां एक व्यक्ति के माध्यम से गांजा वाहन में लोड कराया गया। गांजे को पुलिस की नजर से बचाने के लिए वाहन में पहले से बनाए गए गुप्त केबिन में छिपाया गया और ओडिशा से सोनभद्र होते हुए दिल्ली ले जाया जा रहा था। आरोपियों के मुताबिक बरामद गांजा दिल्ली में पहुंचाया जाना था। यानी इस पूरे मामले में सिर्फ 220 किलो गांजे की बरामदगी ही अहम नहीं है, बल्कि जिस तरीके से वाहन के अंदर गुप्त केबिन बनाकर ओडिशा से दिल्ली तक गांजा पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, वह तस्करी के नेटवर्क की गंभीरता को भी सामने लाता है।
पुलिस ने बरामद दोनों मोबाइल फोन को भी जांच के दायरे में लिया है। मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो गांजे की खरीद, परिवहन और दिल्ली में इसकी डिलीवरी से जुड़े हो सकते हैं।
रॉबर्ट्सगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस ओडिशा से सोनभद्र होते हुए दिल्ली तक संचालित इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगालने में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों तक पहुंचा जा सके।