Breaking News
खबरें पढ़ें
ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की मौत || देश दुनिया की आज की बड़ी खबरें SVG इण्डिया न्यूज चैनल पर.. || पुलिस एक्शन: 920 किलो अवैध पटाखे बरामद, कीमत करीब 3 लाख रुपये || जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट, कई महिलाएं घायल || अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दुधारू गाय के दो पैर फैक्चर, सड़क जाम || मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों की जांच के निर्देश, 28 अक्टूबर तक मांगी रिपोर्ट || सोनभद्र में 26 स्कूलों में स्थापित हुईं लर्निंग बाय डूइंग लैब || करोड़ों के साइबर फ्रॉड मामले में तीन गिरफ्तार, 2.37 करोड़ के लेन-देन की जांच || गैस सिलेंडर में आग से गृहस्थी राख, परिवार बाल-बाल बचा || गूंजा प्लास्टिक मुक्त विद्यालय का संदेश, विद्यार्थियों ने ली शपथ
Tuesday 27th October 2026 05:16:00 PM

सोनभद्र में 26 स्कूलों में स्थापित हुईं लर्निंग बाय डूइंग लैब

Blog single photo
Share on

  रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव

• प्रयोगों से विज्ञान और गणित सीख रहे कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी

सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से जनपद के 26 परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग लैब स्थापित की गई हैं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित इन लैबों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान, गणित और तकनीकी विषयों को सीख रहे हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और समस्या समाधान के कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। लैब में इंजीनियरिंग, ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित गतिविधियां कराई जा रही हैं।

• कपड़ों की रंगाई और पाक-कला से समझ रहे गणित के सिद्धांत

दुद्धी विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय दीघुल में विद्यार्थियों ने टाई एंड डाई तकनीक से कपड़ों की रंगाई कर अनुपात, सममिति और रंगों के व्यवहार को समझा। वहीं, कंपोजिट विद्यालय अमोली प्रथम में पाक-कला गतिविधि के जरिए सामग्री का वजन, अनुपात, स्वच्छता और गर्मी से खाद्य पदार्थों में होने वाले बदलावों की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को बीज अंकुरण, जैविक खाद निर्माण और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि बच्चे स्वयं प्रयोग करके सीख सकें। इन प्रयासों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीमवर्क और व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ भविष्य की तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए मजबूत आधार तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।




Second Advertisement
Second Advertisement
Second Advertisement

Top