सोनभद्र। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शुद्धि के तहत पुलिस ने गांजा तस्करी के एक शातिर तरीके का खुलासा किया है। तस्करों ने सियाज कार के निचले हिस्से में विशेष रूप से गुप्त तहखाना बनवा रखा था, जिसमें गांजे की खेप छिपाकर ले जाई जा रही थी। चार नवंबर की रात रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम लोढ़ी स्थित टीवीएस गोदाम के पास एक सियाज कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कार के निचले हिस्से में बना गुप्त चैंबर मिला, जिसमें तीन प्लास्टिक के बोरों में छिपाकर रखे गए 43 पैकेट गांजा बरामद हुए। तौल में गांजे का कुल वजन 60 किलो 500 ग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मौके से शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद थाना क्षेत्र के लैसना निवासी सत्ययम यादव (21) और अल्लागंज थाना क्षेत्र के ब्रह्मनान निवासी सीबू अली (24) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ओडिशा से गांजा लाकर सोनभद्र के रास्ते शाहजहांपुर ले जाने की बात बताई।
पुलिस के अनुसार, मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/27ए/29/60/61 के तहत कार्रवाई की गई है। एएसपी मुख्यालय मेविश टॉक ने बताया कि दोनों आरोपी ओडिशा से गांजे की खेप लेकर शाहजहांपुर जा रहे थे। कार के निचले हिस्से में विशेष चैंबर बनाकर तस्करी की जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में तस्करी में प्रयुक्त सियाज कार भी जब्त कर ली गई है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गांजे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव






