वीरेंद्र कुमार संवाददाता
विंढमगंज(सोनभद्र)। क्षेत्र में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने सुबह से दोपहर तक वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा कर पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना की। थाना परिसर से सटे बुटबेढ़वा स्थित हनुमान मंदिर तथा सलैयाडीह ग्राम पंचायत के काली मंदिर में पूजा के दौरान पुजारियों द्वारा वट सावित्री की कथा सुनाई गई। महिलाओं ने कच्चा धागा बांधकर वट वृक्ष की परिक्रमा की और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ व्रत संपन्न किया।
• सत्यवान-सावित्री की कथा सुन महिलाओं ने निभाई परंपरा
महुली क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कथावाचन के दौरान बताया गया कि सावित्री ने अपने तप और व्रत के प्रभाव से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे, तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति पर आने वाले संकट दूर होते हैं और दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष को जल अर्पित कर सात बार परिक्रमा की और सत्यवान-सावित्री की कथा सुनी।