मनीष कुमार संवाददाता
सोनभद्र(दुद्धी)। दुद्धी विकासखंड के ग्राम मलदेवा स्थित रानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर बुधवार को आदिवासी वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बावन गढ़ सतावना परगना के देवी-देवताओं के आवाहन एवं प्रकृति शक्ति के स्मरण के साथ हुई। मुख्य अतिथि किन्नर अखाड़ा दुद्धी की महामंडलेश्वर किरण नंदन गिरी ने आदिवासी समाज से एकजुट रहने, नशे से दूर रहने तथा शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते तथा अध्यक्षता अशर्फी सिंह परस्ते ने की।
आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग, नारी शिक्षा पर भी रहा विशेष जोर
समारोह में रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई तथा नारी शिक्षा और आदिवासी समाज के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान आगामी जनगणना में आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि इससे आदिवासी पहचान और सांस्कृतिक अधिकारों को संरक्षण मिलेगा। सभा में "हम बनवासी नहीं, आदिवासी हैं, जल-जंगल-जमीन हमारी है" का उद्घोष भी किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन जायसवाल, रामनाथ श्याम, हरे कृष्णा, हरी लाल, शिव शंकर (एडवोकेट) सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं स्थानीय हाईस्कूल की महिला फुटबॉल खिलाड़ी गीता, आंचल, शांति, अनीता और प्रमिला सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।