वीरेंद्र कुमार संवाददाता
विंढमगंज(सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के मुड़िसेमर स्थित पंचायत भवन से शुक्रवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पहली बार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। रथयात्रा का नेतृत्व हरे कृष्णा प्रचार केंद्र के संरक्षक कुरू श्रेष्ठ प्रभु, कथावाचक गदाधर प्रभु, करुणावतार, सबलू, सचीसुत तथा भक्ति वेदांत गुरुकुल के छात्रों ने किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। रथयात्रा पंचायत भवन से निकलकर काली मंदिर चौराहा, मुड़िसेमर तिराहा, राम मंदिर, रांची-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग और कोन मोड़ चौराहा सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और स्वागत कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
• धार्मिक आयोजन से प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान आकर्षक झांकियां, शंखनाद और "जय जगन्नाथ" के उद्घोष लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। वक्ताओं ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो समाज में प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करती है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में उपेंद्र कुमार पासवान, नितेश पासवान, रमेश सिंह कुशवाहा, सरजू यादव, मनोज पासवान, त्रिदेव कुमार, अंकित कुमार, महेंद्र कुमार, जय मौर्य, डॉ. राकेश, विजय कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, विजय पासवान, धर्मेंद्र सहित अनेक कार्यकर्ताओं तथा हरिप्रिया देवी दासी, गीता देवी, प्रतिमा देवी, रिंकू देवी, ईशा कुमारी, सोनी कुमारी, दीपा कुमारी और महिमा कुमारी सहित महिलाओं का विशेष सहयोग रहा।
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