रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव
सोनभद्र। आकाशीय बिजली के खतरे से ग्रामीणों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने वज्रपात संवेदनशील ग्राम पंचायतों में ताड़ और खजूर प्रजाति के पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में कम से कम 100 पौधे लगाए जाएंगे। शासन के निर्देश और सेंसिंग सेंटर (NRSC) के विश्लेषण के आधार पर चिन्हित वज्रपात संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम न्यूनीकरण के तहत यह अभियान चलाया जाएगा। खेतों और फार्म की मेड़ों समेत अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा तथा पौधों की उपलब्धता के लिए जिला उद्यान विभाग से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
• पौधे लगाने के साथ सिंचाई और संरक्षण पर भी रहेगा जोर
अभियान के तहत ‘बरही’ और ‘सोना-100’ प्रजातियों के पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। खण्ड विकास अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) अभियान की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनकी सुरक्षा, सिंचाई और रोपणोपरान्त देखभाल की भी समुचित व्यवस्था की जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थल चयन से लेकर गड्ढों की खुदाई, पौधरोपण और संरक्षण तक की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य वज्रपात प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम कम करने के साथ हरित आवरण बढ़ाना भी है।