रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव
सोनभद्र। मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य समिति की उपाध्यक्ष जागृति अवस्थी ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों का कम से कम 90 प्रतिशत भुगतान और प्रसव पूर्व जांच पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। अनुपस्थित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायकों और लेखा लिपिकों का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण लेने को कहा। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में अति कुपोषित बच्चों की भर्ती बढ़ाने के लिए आरबीएसके की प्रत्येक टीम को सप्ताह में कम से कम एक बच्चे को भर्ती कराने का लक्ष्य दिया गया। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित टीम के मानदेय पर कार्रवाई और वाहन जिला मुख्यालय से संबद्ध करने की चेतावनी दी गई।
• मातृ-शिशु मृत्यु का ऑडिट अनिवार्य, गर्भवती महिलाओं की फोन से होगी काउंसलिंग
सीडीओ ने प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आंकड़े छिपाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को पोषण, प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक करने के लिए ब्लॉक स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित करने को कहा। साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी शिविरों में तेजी लाने, पांच नवंबर तक पल्स पोलियो अभियान की कार्ययोजना तैयार करने, टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने और अधिकारियों-कर्मचारियों की आभा आईडी बनवाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।