अपर जिलाधिकारी वाराणसी के जिलाधिकारी के नामित प्रतिनिधि हैं। कोषागार में रखवाई गई सामग्रियों की एक प्रति जिला जज की अदालत में भी दाखिल की गई। जिला जज की अदालत के आदेश पर मिली सुपुर्दगी को जरूरत पड़ने पर जिलाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, ज्ञानवापी परिसर में 93 दिन तक चले एएसआई के सर्वे में सजावटी ईंटें, दैवीय युगल, चौखट के अवशेष, दरवाजे के टुकड़े सहित कई सामग्रियां मिली हैं। प्रमाण के तौर पर संरक्षित की गई सामग्रियों में मगरमच्छ, कच्छप, घोड़ा, यामिनी, कलश, हाथी, सर्प आदि के टुकड़े भी शामिल हैं।
👉दोपहर से रात तक लॉकर में रखवाने की चली प्रक्रिया-
ज्ञानवापी परिसर में साक्ष्यों को कड़ी सुरक्षा में कलेक्ट्रेट लाया गया। दोपहर से ही साक्ष्य लॉकर में रखवाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो देर रात करीब 10.30 बजे तक चलती रही। इस दौरान प्रमाण के तौर पर जुटाए गए एक-एक सामग्री को पूरी निगरानी व संजीदगी के साथ रखवाया गया।
👉जिला जज की अदालत ने दिया था आदेश-
ज्ञानवापी में मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन की मांग करने वाली राखी सिंह के आवेदन पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने 14 सितंबर 2023 को आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान हिंदू धर्म और पूजा पद्धति से संबंधित जो भी सामग्रियां मिलें, उन्हें एएसआई की टीम जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित अधिकारी की सुपुर्दगी में देगी। संबंधित अधिकारी उन सामग्रियों को सुरक्षित रखेंगे, जब भी अदालत तलब करेगी उन्हें प्रस्तुत करना होगा। सुपुर्दगी में दी जाने वाली सामग्रियों की एक सूची अदालत और एक सूची जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इस मामले में जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने अपर जिलाधिकारी प्रोटोकाल बच्चू सिंह को नामित किया है।